The MP e-Token Registration System 2026 has been introduced to ensure transparent and timely distribution of fertilizers to farmers across Madhya Pradesh. Through the e-Vikas portal, eligible farmers can generate e-Tokens and book Urea, DAP, NPK, and other fertilizers online. The system helps reduce crowding at distribution centers, improves fertilizer availability management, and allows farmers to receive fertilizers through scheduled token-based distribution. Farmers are advised to complete registration using their Aadhaar-linked mobile number and Farmer ID before booking fertilizer slots. The portal supports fertilizer booking for the Kharif 2026-27 season and aims to streamline the fertilizer distribution process across the state.
Highlights
Post Overview
Important Dates
- ई-टोकन वर्ष : 2026-27
- शुरुआत वर्ष : 2025
Application Fee
- Registration : Free
- Fertilizer Price : As per government-fixed rate (subsidized price for Urea & DAP)
Eligibility Criteria
पात्रता / आवश्यक शर्तें (Eligibility Criteria):
- राज्य का निवासी होना अनिवार्य है: केवल मध्यप्रदेश के स्थायी निवासी किसान ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- कृषक पंजीयन अनिवार्य है: किसान का नाम MP किसान पोर्टल या समग्र ID डेटाबेस में पंजीकृत होना चाहिए।
- भूमि स्वामी या पट्टेदार: किसान स्वयं की भूमि का स्वामी हो या पट्टे (lease/tenant) पर भूमि लेकर खेती करता हो।
- फसल विवरण अपडेट होना चाहिए: किसान की फसल जानकारी और मौसम के अनुसार खेती का विवरण पोर्टल पर सही और अपडेट होना जरूरी है।
- आधार और मोबाइल लिंक होना चाहिए: किसान का आधार नंबर और मोबाइल नंबर पोर्टल से लिंक होना चाहिए ताकि ई-टोकन SMS के माध्यम से प्राप्त हो सके।
- उर्वरक की वास्तविक आवश्यकता: केवल वही किसान ई-टोकन प्राप्त कर सकता है जिसकी पंजीकृत फसल के लिए उर्वरक की वास्तविक आवश्यकता हो।
- बैंक खाता (वैकल्पिक): भविष्य की सब्सिडी या भुगतान प्रक्रिया के लिए किसान के पास सक्रिय बैंक खाता होना लाभकारी है।
Scheme Details
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग (FW&AD) राज्य के किसानों को समय पर एवं समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है। वर्तमान में उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में अनेक हितधारक शामिल हैं, जैसे उर्वरक निर्माता, शासकीय नेटवर्क (मार्कफेड, एमपी एग्रो, प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज़ – PACS) तथा निजी विक्रेता।
इसके बावजूद वर्तमान प्रणाली में असमान वितरण, वास्तविक समय में निगरानी की कमी तथा किसानों तक समय पर उपलब्धता न हो पाने जैसी चुनौतियाँ सामने आती हैं। इसके परिणामस्वरूप किसानों को उर्वरक की कमी एवं वितरण में देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इन चुनौतियों के समाधान हेतु विभाग ने उर्वरक वितरण को किसानों की भूमि अभिलेख जानकारी एवं मौसमवार फसल पैटर्न के आधार पर नियंत्रित करने का प्रस्ताव रखा है। इस व्यवस्था से उर्वरक की आपूर्ति वास्तविक आवश्यकता के अनुसार सुनिश्चित होगी, जिससे दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।
Scheme Benefits
- किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता: भूमि और फसल के आधार पर टोकन जारी होने से किसानों को उर्वरक समय पर और आवश्यक मात्रा में उपलब्ध हो जाता है।
- लंबी लाइन और भीड़ से मुक्ति: किसान पहले से ई-टोकन प्राप्त करके निर्धारित तारीख पर सीधे खाद ले सकते हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।
- पारदर्शी वितरण व्यवस्था: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रिकॉर्ड होती है, जिससे कालाबाज़ारी, ओवर-डिस्ट्रिब्यूशन और फर्जी वितरण की संभावना समाप्त हो जाती है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम: उर्वरक की सप्लाई को उत्पादन केंद्र से लेकर डीलर और वितरण केंद्र तक रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सकता है।
- डेटा आधारित निर्णय प्रणाली: पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट और डैशबोर्ड के माध्यम से प्रशासन को सही समय पर सटीक और प्रभावी निर्णय लेने में मदद मिलती है।
- डिजिटल सशक्तिकरण: किसान मोबाइल या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज और आधुनिक बनती है।
- जवाबदेही और निगरानी में सुधार: हर स्तर पर वितरण प्रक्रिया ट्रैक होने से अधिकारियों और विक्रेताओं की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
- विभागों के बीच बेहतर समन्वय: मार्कफेड, एमपी एग्रो, PACS और निजी विक्रेताओं के बीच समन्वय मजबूत होता है, जिससे वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
Beneficiary
ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि और फसल की आवश्यकता के अनुसार समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराना है।
Registration Process
MP e-Token Registration 2026 – चरणबद्ध मार्गदर्शिका
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: evikas.mpkrishi.mp.gov.in
- “ई-टोकन / लॉगिन” विकल्प चुनें: लॉगिन पेज खुलेगा।
- नए उपयोगकर्ता के लिए पंजीकरण: यदि आप नए उपयोगकर्ता हैं तो “ट्रस्ट/पट्टा/अन्य किसानों का पंजीकरण” चुनें।
- व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें: आधार नंबर, समग्र ID और मोबाइल नंबर सही ढंग से भरें।
- भूमि और फसल से जुड़ी जानकारी भरें: सही मौसम और क्षेत्र का विवरण दर्ज करें।
- मोबाइल OTP से सत्यापन करें: प्राप्त OTP दर्ज करके मोबाइल नंबर को वेरिफाई करें।
- ई-टोकन जनरेट करें: सत्यापन के बाद “ई-टोकन जनरेट करें” पर क्लिक करें।
- ई-टोकन डाउनलोड करें या SMS में प्राप्त करें: सुरक्षित स्थान पर सेव करें।
- निर्धारित तारीख पर विक्रेता केंद्र पर जाएं: समय पर उपस्थित होकर टोकन प्रस्तुत करें।
- उर्वरक प्राप्त करें: ई-टोकन और पहचान पत्र दिखाकर आवश्यक उर्वरक प्राप्त करें।
महत्वपूर्ण: किसी भी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले अधिकारिक निर्देश और पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अवश्य जाँच लें।
Scheme Details
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग (FW&AD) राज्य के किसानों को समय पर एवं समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है। वर्तमान में उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में अनेक हितधारक शामिल हैं, जैसे उर्वरक निर्माता, शासकीय नेटवर्क (मार्कफेड, एमपी एग्रो, प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज़ – PACS) तथा निजी विक्रेता।
इसके बावजूद वर्तमान प्रणाली में असमान वितरण, वास्तविक समय में निगरानी की कमी तथा किसानों तक समय पर उपलब्धता न हो पाने जैसी चुनौतियाँ सामने आती हैं। इसके परिणामस्वरूप किसानों को उर्वरक की कमी एवं वितरण में देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इन चुनौतियों के समाधान हेतु विभाग ने उर्वरक वितरण को किसानों की भूमि अभिलेख जानकारी एवं मौसमवार फसल पैटर्न के आधार पर नियंत्रित करने का प्रस्ताव रखा है। इस व्यवस्था से उर्वरक की आपूर्ति वास्तविक आवश्यकता के अनुसार सुनिश्चित होगी, जिससे दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।
Note: The document list below is for general guidance only. Candidates must upload the documents exactly as required in the official online application form.
How To Apply
Apply Now: Apply Now
MP e-Token Registration 2026 – चरणबद्ध मार्गदर्शिका
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: evikas.mpkrishi.mp.gov.in
- “ई-टोकन / लॉगिन” विकल्प चुनें: लॉगिन पेज खुलेगा।
- नए उपयोगकर्ता के लिए पंजीकरण: यदि आप नए उपयोगकर्ता हैं तो “ट्रस्ट/पट्टा/अन्य किसानों का पंजीकरण” चुनें।
- व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें: आधार नंबर, समग्र ID और मोबाइल नंबर सही ढंग से भरें।
- भूमि और फसल से जुड़ी जानकारी भरें: सही मौसम और क्षेत्र का विवरण दर्ज करें।
- मोबाइल OTP से सत्यापन करें: प्राप्त OTP दर्ज करके मोबाइल नंबर को वेरिफाई करें।
- ई-टोकन जनरेट करें: सत्यापन के बाद “ई-टोकन जनरेट करें” पर क्लिक करें।
- ई-टोकन डाउनलोड करें या SMS में प्राप्त करें: सुरक्षित स्थान पर सेव करें।
- निर्धारित तारीख पर विक्रेता केंद्र पर जाएं: समय पर उपस्थित होकर टोकन प्रस्तुत करें।
- उर्वरक प्राप्त करें: ई-टोकन और पहचान पत्र दिखाकर आवश्यक उर्वरक प्राप्त करें।
महत्वपूर्ण: किसी भी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले अधिकारिक निर्देश और पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी अवश्य जाँच लें।
इस जॉब पोस्ट में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों एवं उपलब्ध विवरणों के आधार पर साझा की गई है। किसी भी अनजानी त्रुटि, टाइपिंग मिस्टेक, बदलाव या जानकारी में अंतर के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित संगठन की आधिकारिक सूचना एवं वेबसाइट से सभी विवरणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य करें।
Note: आवेदन करने से पहले Official Notification जरूर पढ़ें और सभी जानकारी official website से verify करें।
Important Links
| Registration / लॉगिन करें | Registration Link |
| Registration Through MP Online | Registration Link |
| Scheme Official Website | Official Website |
Tags
🔥 Top New Posts
- CM Kisan Kalyan Yojana Madhya Pradesh 2026 – किसान लाभार्थी सूची, e-KYC, स्टेटस और किस्त जानकारी
- MP Kisan Registry Online Registration 2024: Apply Now
- PM Internship Scheme PMIS 80000 Posts Recruitment 2024 Apply Online
- MP E Uparjan – Madhya Pradesh Farmer Registration
- Amarnath Yatra Permit Online Registration 2024
Frequently Asked Questions (FAQ)
Which scheme is this update about?
ई-टोकन एवं खाद्य वितरण प्रणाली
What are the scheme benefits?
- किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता: भूमि और फसल के आधार पर टोकन जारी होने से किसानों को उर्वरक समय पर और आवश्यक मात्रा में उपलब्ध हो जाता है।
- लंबी लाइन और भीड़ से मुक्ति: किसान पहले से ई-टोकन प्राप्त करके निर्धारित तारीख पर सीधे खाद ले सकते हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।
- पारदर्शी वितरण व्यवस्था: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रिकॉर्ड होती है, जिससे कालाबाज़ारी, ओवर-डिस्ट्रिब्यूशन और फर्जी वितरण की संभावना समाप्त हो जाती है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम: उर्वरक की सप्लाई को उत्पादन केंद्र से लेकर डीलर और वितरण केंद्र तक रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सकता है।
- डेटा आधारित निर्णय प्रणाली: पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट और डैशबोर्ड के माध्यम से प्रशासन को सही समय पर सटीक और प्रभावी निर्णय लेने में मदद मिलती है।
- डिजिटल सशक्तिकरण: किसान मोबाइल या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज और आधुनिक बनती है।
- जवाबदेही और निगरानी में सुधार: हर स्तर पर वितरण प्रक्रिया ट्रैक होने से अधिकारियों और विक्रेताओं की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
- विभागों के बीच बेहतर समन्वय: मार्कफेड, एमपी एग्रो, PACS और निजी विक्रेताओं के बीच समन्वय मजबूत होता है, जिससे वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
Who is the beneficiary?
ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि और फसल की आवश्यकता के अनुसार समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराना है।
How can applicants register for this scheme?
What is this post about?
MP e-Token Registration System 2026 | Urea & DAP Urvarak Booking Online
What is the name mentioned in this update?
ई-टोकन एवं खाद्य वितरण प्रणाली
Which sector is this recruitment related to?
Agriculture
Which documents are required?
उर्वरक प्राप्ति हेतु | ई-टोकन आवेदन
आवश्यक दस्तावेज
✔ आधार नंबर
✔ आधार से लिंक मोबाइल नंबर
✔ भूमि की जानकारी
How can candidates apply online?